Events / Programs

Upcoming Event

SWARAJ UNIVERSITY AND THE SWAPATHGAMI NETWORK 

invites you to
 
a Workshop on Jeevan Vidya
 
Facilitated by Vinish Gupta 
from 11th to 18th August, 2019 
Swaraj University campus, Udaipur, Rajasthan
 
About the workshop:
A Jeevan Vidya workshop is an intensive 40-hour learning experience that seeks to bring one’s attention to neglected and subtle facets of life; issues related to interpersonal relations, education, society, environment, aspirations, success are discussed and participants are provided critical tools to help them explore the rich web of connections between seemingly disparate aspects of life. It is a process of guided introspection, of 'doing philosophy' rather than studying it. There is no sermonizing; the facilitator presents sets of proposals, and helps participants bring their attention to bear on the inner workings of their thoughts, fears and aspirations. Gradually one begins to interrogate hidden assumptions and get a sharper, clearer view of the whole intricate fabric of life; one begins to see new possibilities for positive human action. The idea is to trigger an empowering, self-critical inner dialogue that begins with the workshop, but doesn’t end with it…
 
This is a residential workshop hosted at the Swaraj University campus (Tapovan Ashram, Udaipur). There is only room for 30 participants, so please register as early as possible. It is important that you attend the whole workshop from start to finish as each day builds on the previous one.  
 
The facilitator:
This workshop will be facilitated by Vinish Gupta, who leads the Centre for Holistic Learning.  He has been involved with various social and environmental movements in the past. In his youth, he spent over a decade as a Buddhist monk, exploring traditional Indian systems of thought and living. His current interests include value education, and design of environmentally sound systems and technologies.
    
What to bring?
Bring personal clothing, a bed-sheet, a sheet to cover yourself, a pillow cover, blanket/sleeping-bag, water bottle, torch, mosquito net/repellent, umbrella/rain-wear, towel, hat, toiletries, a notebook and pencil if you like to take notes, any interesting materials from your organization to share and anything creative that you like to do to share with others. 

This event is run on gift culture. The workshop is shared as a gift and the facilitator does not receive any payment for facilitation. The costs (for food and stay)  of your participation have already been paid by those who attended the workshop before you and found it beneficial; should you find the workshop beneficial, you may pay forward for the participation of future participants. Money is never a consideration for participation in this workshop.

यह कार्यशाला हिंदी में होगी . (This workshop will be conducted in Hindi).

Participants will also have the opportunity to participate in cooking, farming and maintenance activities on the campus. There may also be some nature treks.

Please note that the workshop is of an integrated nature and has to be attended in its entirety. It may not be attended partially. 

We encourage participants to travel to the venue for this program by means other than air travel.

Please fill in the online application form to apply for participation. 
Or get in touch with us at 
+91.8003389242. 

 
Best wishes,
Swaraj University Events Team



स्वराज यूनिवर्सिटी व सवपथगामी नेटवर्क 

द्वारा आयोजित   

उदयपुर, राजस्थान  

में

जीवन विद्या शिविर

11 - 18 अगस्त 2019  




शिविर के बारे में:

जीवन विद्या शिविर (करीब 40 घंटे की अवधि की) एक गहरे अध्ययन की प्रक्रिया है, जिसमे जीवन के मौलिक परन्तु प्रायः उपेक्षित पहलुओं पर ध्यान केंद्रित किया जाता है। आपसी सम्बन्ध, शिक्षा, समाज, प्रकृति, लक्ष्य, सफलता आदि पर एक गहरा संवाद होता है जिसके द्वारा प्रतिभागियों को ज़िन्दगी के भिन्न प्रतीत होने वाले पहलुओं के बीच की कड़ियाँ पहचानने व समझने का अवसर मिलता है। कोई प्रवचन या उपदेश नही होता। प्रबोधक द्वारा कुछ प्रस्ताव प्रस्तुत किये जाते हैं, और प्रतिभागियों को उनके आतंरिक विचारों, भयों, सम्भ्राँतियों, आकांक्षाओं आदि को जांचने में सहयोग किया जाता है।  क्रमशः ढेर सारी छिपी मान्यताएं उजागर होने लगती हैं और व्यक्ति को ज़िन्दगी के सूक्ष्म ताने बाने का एक नयी स्पष्टता से दर्शन होने लगता है; मानव में सकारात्मक सृजनशक्ति की नयी संभावनाओं का बोध होने लगता है।  एक सशक्त चिंतन-यात्रा का शिविर में प्रारम्भ तो होता है पर अंत नही …


यह 8-दिवसीय पूर्णकालिक आवासीय शिविर है। उदयपुर, राजस्थान में आयोजित इस शिविर में कुल 30 प्रतिभागियों के लिए स्थान हैं, इस लिए पूर्व पंजीकरण करें।  


प्रबोधक:

इस शिविर में प्रबोधन श्री विनीश गुप्ता करेंगे। वे लम्बे समय से विभिन्न सामाजिक व पर्यावरणीय अभियानों से जुड़े रहे हैं। करीब दस वर्ष तक वे बौद्ध परंपरा में भिक्षु भी रहे, जिस दौरान उन्हें भारतीय विचारधाराओं व तौर तरीकों को समझने का अवसर मिला। 


साथ लाएं:

ओढ़ने व बिछाने की चादरें, तकिये का गिलाफ, कंबल/स्लीपिंग-बैग, निजी वस्त्र, पानी की बोतल, टॉर्च, छतरी, तौलिया, साबुन आदि निजी उपयोग का सामान, आपके संस्था / कार्य से सम्बंधित सामग्री, व कुछ भी रचनात्मक जो आप को दूसरों के साथ साझा करना / बांटना अच्छा लगता है।


यह शिविर ‘उपहार संस्कृति’ पर आधारित है। प्रबोधक को प्रबोधन कार्य के लिए कोई धन राशि नहीं दी जाती है। 

आप के रहने-खाने की व्यवस्था पर आया खर्च आप से पूर्व आये व लाभान्वित हुए  प्रतिभागियों ने वहन किया है। यदि आप भी लाभान्वित होते हैं, आप भविष्य में आने वाले प्रतिभागियों के लिए अपनी इच्छा अनुसार अग्रिम अनुदान दे सकते हैं।  आर्थिक असमर्थता के कारण किसी की प्रतिभागिता बाधित नही होने दी जाएगी।  


शिविर में पूर्णकालिक प्रतिभागिता अनिवार्य है, आंशिक प्रतिभागिता की अनुमति नही है।

शिविर के दौरान स्वैच्छिक श्रमदान करने का व व्यक्तिगत हुनरों के आदान-प्रदान का भी अवसर रहेगा।

हमारी आशा रहती है कि इस कार्यक्रम के लिए आने वाले प्रतिभागी हवाई यात्रा का निषेध कर अन्य साधनों से आएं। 


इस शिविर में भाग लेने के लिए यह ऑनलाइन फॉर्म भरें। या हमसे संपर्क करें  +91.8003389242.



शुभ कामनाएं

स्वराज कार्यशाला आयोजक मंडल 




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